Item: गणेश पंचरत्न स्तोत्र (संक्षिप्त पंक्ति)

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये॥
 

Arth:
जो भक्त विनायक जी का नित्य स्मरण करता है, उसे दीर्घायु, धन और सफलता प्राप्त होती है।


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