अर्थ:
अगर किसी अपराध के लिए IPC में कोई विशेष दंड नहीं बताया गया है, तो उसे “इस संहिता के अनुसार दंडनीय” माना जाएगा।
मतलब – अपराध भले छोटा या नया क्यों न हो, अगर वह IPC में आता है, तो उसे IPC के नियमों के अनुसार दंड मिलेगा।
उदाहरण:
अगर किसी विशेष अपराध का उल्लेख है लेकिन उसकी सज़ा नहीं दी गई, तो सामान्य दंड प्रावधान (जैसे धारा 63–65 आदि) लागू होंगे।
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