Item: IPC धारा 36 – कार्य और परिणाम का संयोग

अगर कोई व्यक्ति कोई कार्य करता है और उसका परिणाम अपराध पैदा करता है,
तो वह अपराध माना जाएगा — चाहे परिणाम तुरंत हुआ हो या बाद में।

 

उदाहरण:
किसी को ज़हर देना — और व्यक्ति की मौत कुछ दिन बाद होना —
फिर भी यह हत्या मानी जाएगी।


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