अगर एक ही कार्य से कई अपराध बनते हैं,
तो सज़ा सिर्फ एक बार दी जा सकती है —
परंतु अदालत सभी अपराधों को ध्यान में रख सकती है।
🔹 उदाहरण:
अगर कोई व्यक्ति चोरी करते समय हमला भी करता है,
तो अदालत दोनों अपराधों पर विचार करेगी,
परंतु सज़ा एक ही दी जाएगी।
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