जब कोई न्यायाधीश (Judge) अपने अधिकार क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करता है,
तो उसके द्वारा किया गया कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा।
🔹 उदाहरण:
अगर जज किसी को सज़ा देता है, और बाद में फैसला गलत निकलता है —
फिर भी वह अपराध नहीं कहलाएगा, क्योंकि उसने न्यायिक कार्य किया था।
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