अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से नशा करता है,
तो वह अपने कार्य के लिए जिम्मेदार होगा जैसे वह होश में था। यानी नशे में अपराध करने का बहाना नहीं चलेगा।
🔹 उदाहरण:
अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर झगड़ा करता है या हत्या करता है — तो वह पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
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