यदि कोई व्यक्ति मृत्यु के भय से मजबूर होकर
कोई अपराध करता है,
तो वह अपराध नहीं माना जाएगा —
सिवाय हत्या और राजद्रोह (waging war) के।
🔹 उदाहरण:
किसी को बंदूक की नोक पर मजबूर किया गया और उसने चोरी कर दी।
उसे अपराधी नहीं माना जाएगा।
लेकिन हत्या कराई जाए — अपराध माना जाएगा।
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