Item: मगुर (Walking catfish)

🐟 मगुर मछली (Magur Fish) — यह एक बहुत प्रसिद्ध मीठे पानी की मछली है, जो भारत में विशेष रूप से खाई जाती है और औषधीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका शरीर चिकना, बिना शल्क (scales) का और काला या भूरा होता है।

📘 सामान्य परिचय

वैज्ञानिक नाम: Clarias batrachus

कुल: Clariidae

वंश: Clarias

सामान्य नाम: मगुर, सिंगही (कभी-कभी भ्रमित रूप से), Walking Catfish

वर्ग: मछली (Pisces)

प्रकार: मीठे पानी की मछली (Freshwater Fish)

🌊 आवास (Habitat)

मगुर मछली तालाब, झील, नदी, पोखर, धान के खेतों और गड्ढों में पाई जाती है।
यह उन मछलियों में से एक है जो कम ऑक्सीजन वाले पानी में भी जीवित रह सकती हैं।
इसके पास एक विशेष श्वसन अंग (accessory respiratory organ) होता है, जिसकी मदद से यह थोड़े समय के लिए जमीन पर भी रह सकती है — इसीलिए इसे “Walking Catfish” भी कहा जाता है।

🍃 आहार (Diet)

मगुर एक सर्वाहारी (omnivorous) मछली है।
यह खाती है —

कीड़े-मकोड़े

छोटी मछलियाँ

पौधों के अवशेष

कीचड़ में पनपने वाले जीवाणु

👶 प्रजनन (Reproduction)

प्रजनन का समय बरसात (Rainy Season) में होता है।

मादा मगुर एक बार में 2000 से 10000 अंडे तक देती है।

नर मगुर अंडों की रक्षा करता है जब तक बच्चे बाहर नहीं निकलते।

💪 विशेषताएँ (Characteristics)

इसका शरीर चिकना, लंबा और बिना शल्क के होता है।

मुँह के चारों ओर लंबी मूँछें (whiskers) होती हैं, जो दिशा और शिकार पहचानने में मदद करती हैं।

यह बहुत सहनशील मछली है — कम पानी और ऑक्सीजन में भी जीवित रह सकती है।

अगर तालाब सूख जाए तो यह थोड़ी दूरी तक रेंगकर (crawl) दूसरे पानी वाले स्थान तक जा सकती है।

यह रात में सक्रिय (nocturnal) रहती है।

🩺 औषधीय महत्व (Medicinal Importance)

मगुर का मांस प्रोटीन, आयरन, और फॉस्फोरस से भरपूर होता है।

यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, रक्त की पूर्ति करने, और कमज़ोर व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

आयुर्वेद में इसे शारीरिक कमजोरी और रक्ताल्पता (anemia) में उपयोगी बताया गया है।

🍽️ भोजन में उपयोग (Culinary Use)

भारत के पूर्वी राज्यों (जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, असम) और दक्षिण भारत में यह बहुत लोकप्रिय है।

इसे करी, फ्राई, और झोल के रूप में पकाया जाता है।

इसका स्वाद गाढ़ा और मांस मुलायम होता है।

🧠 रोचक तथ्य (Interesting Facts)

यह जमीन पर थोड़ी दूरी तक चल सकती है, इसलिए इसे “Walking Catfish” कहा जाता है।

यह अपनी गंध और मूँछों से दिशा पहचानती है, आँखों पर निर्भर नहीं रहती।

यह प्रदूषित या कीचड़युक्त पानी में भी जीवित रह सकती है, इसलिए खेती वाले तालाबों में पालना आसान होता है।sd


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