🧬 वायरस का प्रकार:
यह एक RNA वायरस है।
यह Flaviviridae परिवार से संबंधित है।
यह मुख्य रूप से यकृत (Liver) को प्रभावित करता है।
⚙️ यह कैसे काम करता है:
वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद लिवर कोशिकाओं (hepatocytes) पर हमला करता है।
वहां यह अपनी संख्या बढ़ाता है और धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
यह संक्रमण लंबे समय (chronic infection) तक रह सकता है और लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।
😷 संक्रमण के तरीके:
संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने से
सुई या सिरिंज साझा करने से (खासकर नशे के दौरान)
संक्रमित रक्त चढ़ाने से (यदि रक्त की जांच न की गई हो)
संक्रमित माँ से बच्चे में (कभी-कभी जन्म के दौरान)
टैटू या पियर्सिंग के दौरान असुरक्षित उपकरणों से
❌ यह वायरस आम संपर्क (जैसे गले मिलना, हाथ मिलाना, भोजन साझा करना) से नहीं फैलता।
🩺 लक्षण (Symptoms):
शुरुआती संक्रमण (Acute stage) में कोई लक्षण नहीं भी हो सकते।
लेकिन जब लक्षण दिखते हैं तो इनमें शामिल हैं:
थकान
भूख में कमी
मितली या उल्टी
बुखार
पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
त्वचा और आंखों का पीला होना (Jaundice)
दीर्घकालिक संक्रमण (Chronic stage) में:
लिवर फाइब्रोसिस (लिवर का सख्त होना)
सिरोसिस
लिवर फेलियर
लिवर कैंसर
💊 उपचार (Treatment):
पहले इलाज कठिन था, लेकिन अब Direct-Acting Antivirals (DAAs) नामक दवाइयाँ उपलब्ध हैं।
ये दवाइयाँ 12 से 24 हफ्तों में वायरस को पूरी तरह खत्म कर सकती हैं।
इलाज से पहले वायरस के जीनोटाइप की जांच की जाती है ताकि सही दवा दी जा सके।
🛡️ रोकथाम (Prevention):
सुई, ब्लेड या रेज़र साझा न करें।
केवल जांचा हुआ रक्त ही चढ़वाएँ।
टैटू या पियर्सिंग केवल साफ-सुथरे उपकरणों से कराएँ।
असुरक्षित यौन संबंध से बचें।
⚠️ Hepatitis A और B के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं,
लेकिन Hepatitis C के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है।
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