Item: Japanese Encephalitis Virus (जापानी दिमागी बुखार)

Japanese Encephalitis Virus (जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस) एक मच्छर जनित (mosquito-borne) RNA वायरस है, जो मस्तिष्क (brain) को प्रभावित करता है और एन्सेफेलाइटिस (Encephalitis) यानी मस्तिष्क की सूजन का कारण बनता है।
यह वायरस एशिया और प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific region) में पाया जाता है और खासकर ग्रामीण इलाकों में फैला होता है।

🦠 मुख्य जानकारी:

पूरा नाम: Japanese Encephalitis Virus (JEV)

परिवार: Flaviviridae

प्रकार: Single-stranded RNA (ssRNA)

प्रसार का तरीका: मच्छरों के माध्यम से (मुख्यतः Culex प्रजाति)

रिज़र्वॉयर (प्राकृतिक वाहक): सुअर (Pig) और जंगली पक्षी (Birds)

🦟 संक्रमण का तरीका (Transmission):

संक्रमित मच्छर के काटने से वायरस मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है।

यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सीधे नहीं फैलता

मच्छर वायरस को सुअर या पक्षी से प्राप्त करते हैं और फिर मानव को काटकर संक्रमण फैलाते हैं।

🤒 लक्षण (Symptoms):

संक्रमण के लगभग 5–15 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं।
ज्यादातर मामलों में यह हल्का संक्रमण होता है, परंतु गंभीर मामलों में मस्तिष्क पर असर डालता है।

प्रारंभिक लक्षण:

बुखार

सिरदर्द

उल्टी

थकान

गंभीर लक्षण (Encephalitis के दौरान):

दौरे (Seizures)

बेहोशी (Unconsciousness)

गर्दन में अकड़न (Neck stiffness)

पैरालिसिस (लकवा)

कोमा और मृत्यु (गंभीर मामलों में)

🧬 प्रभाव (Effects):

लगभग 1% संक्रमण गंभीर रूप लेता है, लेकिन जिनमें लक्षण विकसित होते हैं उनमें मृत्यु दर 20–30% तक हो सकती है।

बचे हुए मरीजों में स्थायी मस्तिष्क क्षति, बोलने या चलने में समस्या रह सकती है।

यह बीमारी बच्चों में अधिक आम है।

💉 रोकथाम (Prevention):

वैक्सीन:
Japanese Encephalitis के लिए प्रभावी टीके मौजूद हैं।

SA 14-14-2 (सक्रिय वैक्सीन, भारत में उपयोग होता है)

IXIARO और Jespect (अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन)

मच्छर से बचाव:

मच्छरदानी का उपयोग

शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना

मच्छर repellents लगाना

आसपास पानी जमा न होने देना


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